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Clean Intestine: जरूरी है आंतों की सफाई, साल में सिर्फ तीन बार करें ये आसान काम
 
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Clean Intestine: जरूरी है आंतों की सफाई, साल में सिर्फ तीन बार करें ये आसान काम

Shankh Prakshalan: आंतों की सफाई के लिए (Clean Intestine) जरूरी है ये प्रक्रिया. साल में सिर्फ तीन बार करने से बेहतर बनता है पाचन तंत्र (Digestive System)

Clean Intestine: जरूरी है आंतों की सफाई, साल में सिर्फ तीन बार करें ये आसान काम

आंतों की सफाई का आसान और आयुर्वेदिक उपाय


How To Improve Digestion: आंतों की सफाई के लिए सजग रहना बहुत जरूरी है. क्योंकि हमारे शरीर की और मन की सेहत इन्हीं आतों पर निर्भर रहती है. क्योंकि हम जो कुछ भी खाते हैं, पाचन तंत्र में उनके पचने के बाद हमारी आंतें ही उस भोजन से निकले रस को सोखकर हमारे शरीर को पुष्ट करने का काम करती हैं. लेकिन आंतों की सफाई पर यदि ध्यान ना दिया जाए तो इनमें मल जमा हो जाता है और आंतों की अंदरूनी परत पर बचे हुए मल की लेयर बन जाती है, जिससे आतों की अवशोषण क्षमता प्रभावित होती है और आंतें भोजन का सारा सत्व सोख नहीं पाती हैं. इसलिए शरीर को आपके खाए हुए भोजन का पूरा पोषण नहीं मिल पाता है. 


क्या है आंतों की सफाई का प्राकृतिक तरीका?

आंतों की गहरी सफाई के लिए शंखप्रक्षालन प्रक्रिया करनी चाहिए. यह प्रक्रिया बहुत आसान है लेकिन आपको बार-बार मोशन जाना होता है. इसलिए आप इस प्रक्रिया को तब तक करें जब आपके पास दो दिन की छुट्टी हो. 


कैसे करें शंखप्रक्षालन?
इसके लिए सबसे पहले सुबह के समय गुनगुने पानी में हल्का नमक मिलाकर पानी पीना है. आप 10 गिलास पानी को गुनगुना करें और इसमें हल्का नमक मिला लें. 


अब दो-तीन गहरी सांस लेकर पहले शरीर को मन को शांत करने का प्रयास करें और फिर इसके बाद दो-तीन या चार गिलास पानी धीरे-धीरे घूंट-घूंट करके पिएं. उतना पानी पिएं जितना आराम से पी सकें और तब तक पिएं जब तक उल्टी जैसा फील ना होने लगे.


पानी पीने के बाद आपको ये आसन करने हैं

वक्रासन

 कटिवक्रासन

 ताड़ासन

 भुजंगासन

 कोणासन

उदराकर्षण आसन

इन आसन को करते हुए ही आपको मोशन जाने की इच्छा होगी. आप फ्रेश होकर आएं और फिर से उकड़ू बैठकर घूंट-घूंट करके उतना पानी पिएं, जितना पी सकते हैं और फिर से आसन करें.

यह प्रक्रिया आपको तब तक दोहरानी है, जब तक आपका 10 गिलास पानी समाप्त नहीं हो जाता है.

हो सकता है किसी व्यक्ति को यह प्रक्रिया करने के बाद मोशन ना आए. अगर ऐसा हो भी तो परेशान ना हों. क्योंकि आपको यूरिन अधिक मात्रा में आएगा और इस स्थिति में भी आपका शरीर डिटॉक्स होगा. एक से डेढ़ महीने बाद आप फिर से प्रयास करें.


शंख प्रक्षालन के बाद क्या खाएं?
शंख प्रक्षालन के बाद जब आपको भूख लगे तो आप मूंग दाल की खिचड़ी खाएं. यह आपको पहले दिन करना है. आपको अगले दो दिन मूंग दाल की खिचड़ी के अलावा ये चीजें खानी हैं...

फ्रूट्स

वॉइल्ड वेजीटेबल्स 

लेमन जूस

छाछ

अगले दो दिन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में इन चीजों का सेवन करें. और पूरी तरह आराम करें. जब आराम करना हो तो शवासन या मकरासन में लेट जाएं.

आपको हर हफ्ते या हर महीने यह प्रक्रिया करने की जरूरत नहीं है. बल्कि सिर्फ साल में दो से तीन बार ही करना पर्याप्त होता है. या फिर तब करें, जब आपको लगता है कि लंबे समय से आपकी डायट में फास्टफूड और मैदा वगैरह अधिक है.

इन समस्याओं में ना करें शंख प्रक्षालन

अल्सर की समस्या में ना करें

हार्ट की समस्या हो तो ना करें

फाइबर से भरपूर फूड खाएं


आंतों में वेस्ट जमने से कैसे बचें?

इवनिंग स्नैक में एक फ्लेट फल खाने की आदत डालें.

सलाद में सब्जियां कट करके सिर्फ नमक खाएं. इन्हें भी मॉर्निंग स्नैक्स में खाया जा सकता है.

हर दिन सुबह के समय गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर पीने से भी पेट साफ रहता है.