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Mushroom Farming: बैंक की नौकरी छोड़ शुरू की मशरूम की खेती, सालभर में हुई 38 लाख की बंपर कमाई; जानें कैसे किया कमाल
 
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Mushroom Farming: बैंक की नौकरी छोड़ शुरू की मशरूम की खेती, सालभर में हुई 38 लाख की बंपर कमाई; जानें कैसे किया कमाल


Farmer's Success Story: कुलदीप शुरुआत से ही खेती करना चाहते थे! उनके इस पहल में उनके दोस्त प्रमोद जुयाल ने साथ दिया! शुरुआत में दोनों ने खुद की जमा पूंजी लगाकर मशरूम की खेती की शुरुआत की!  साल 2015 से नौकरी करते हुए उत्तराखंड उद्यान विभाग और स्थानीय मशरूम किसानों से ट्रेनिंग ली! फिर साल 2017 से फुल टाइम खेती की शुरुआत कर दी!

2017 से शुरू की मशरूम की फुल टाइम खेती


मशरूम के बाय प्रोडक्ट से कमा रहे बंपर मुनाफा


Success Story: खेती-किसानी भी लोगों का जीवन बदल सकती है! उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के रहने वाले कुलदीप बिष्ट ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है! खेती-किसानी करने से पहले कुलदीप गाजियाबाद के प्रतिष्ठित कॉलेज से एमबीए डिग्री लेने के बाद एक बैंक में काम करते थे! लेकिन खेती-किसानी से लगाव होने की वजह से उन्होंने नौकरी छोड़ कर मशरूम की खेती करने का मन बना लिया!

दो दोस्तों ने मिलकर शुरू की खेती

कुलदीप के इस पहल में उनके दोस्त प्रमोद जुयाल ने साथ दिया! शुरुआत में दोनों ने खुद की जमा पूंजी लगाकर मशरूम की खेती की शुरुआत की! साल 2015 से नौकरी करते हुए उत्तराखंड उद्यान विभाग और स्थानीय मशरूम किसानों से ट्रेनिंग ली! फिर साल 2017 से फुल टाइम खेती की शुरुआत कर दी!

कुलदीप कहते हैं कि शुरुआती दिनों में वे दिन में नौकरी करते थे और रात को खेती! कुलदीप आज ऑयस्टर, मिल्की और बटन समेत मशरूम की कई प्रजातियों की खेती करते हैं! ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए मशरूम के बाय-प्रोडक्ट्स बनाना भी शुरू कर दिया!

कुलदीप बताते हैं कि इस वक्त वह मशरूम से अचार, मुरब्बा, बिस्कुट और ड्राई पाउडर सहित कई प्रोडक्ट्स बना रहे हैं! आने वाले दिनों में वह नूडल्स और मशरूम च्यवनप्राश बनाने को सोच रहे हैं! इसके अलावा वह अपने गांव की बागवानी में कई तरह के फल भी उगा रहे हैं!  वह अपने प्रोडक्ट्स को बाजार में  ‘Fungoo’ ब्रांड नाम के साथ बेच रहे हैं!

किसानों को दे रहे हैं मशरूम की खेती की ट्रेनिंग

कुलदीप के मुताबिक, उन्होंने अपने गांव और उसके आसापस के लोगों की मशरूम की खेती की मुफ्त ट्रेनिंह दी है! इससे गांव में उनका मशरूम किसानों एक ग्रुप बन गया है! वह इन किसानों से मशरूम खरीदकर बाय-प्रोडक्ट्स बना रहे हैं, जिससे उन्हें बढ़िया मुनाफा हासिल हो रहा है! फिलहाल वे 2500 लोगों को ट्रेनिंग दे चुके हैं! 

कुलदीप कहते हैं कि अभी भी हर हफ्ते किसानों को मशरूम की खेती को लेकर जागरूक करने के लिए एक ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करते रहते हैं! वह इसके लिए  प्रति व्यक्ति के लिए 2 हजार रुपये चार्ज करते हैं! इसके अलावा किसानों को एक सर्टिफिकेट भी देते हैं, ताकि नाबार्ड जैसी संस्थाओं से खेती करने के लिए कृषकों को फंड या लोन मिल सके!


हासिल किया बंपर मुनाफा

कुलदीप के मुताबिक मशरूम के बिज़नेस से उन्होंने पिछले साल 38 लाख रुपये का मुनाफा कमाया है! उनके प्रोडक्ट्स दिल्ली और नागपुर समेत देश के कई हिस्सों में जाते हैं! हालांकि, आगे चलकर वे इसे अंतराष्ट्रीय बाजार में भी उतारना चाहते हैं!