logo
इस एप से खेत के चारों तरफ घूमकर पता लगाएं कितने एकड़ है
 
एप

 इस एप से खेत के चारों तरफ घूमकर पता लगाएं कितने एकड़ है 

 मौजूदा वक्त में गूगल प्ले स्टोर पर कई ऐप हैं, जिनमें खेत नापने वाला ऐप भी शामिल है.

अगर किसान साथियों को खेत का आंकलन करना है, तो वह इस लेख में बताए गए ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं.

अक्सर जमीन, खेत या फिर प्लाट को नापने के लिए पटवारी को बुलाना पड़ता है, लेकिन अब आप खुद से किसी भी जमीन या खेत का नाप मिनटों में लिया जा सकता है.


 
इसके लिए आपको कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं है और किसी व्यक्ति की जरूरत पड़ेगी.

दरअसल, गूगल प्ले स्टोर पर कई एप्लीकेशन मौजूद हैं, जिनकी मदद से जमीन का नाप आसानी से लिया जा सकता है.

यानी गूगल प्ले स्टोर पर जमीन नापने वाला ऐप भी मौजूद है. अगर आप जमीन या फिर खेत को नापना चाहते हैं, तो ये ऐप आपके काफी काम आएगा.

जमीन या खेत को एकड़ या डिसमिल में नाप सकते हैं


जानकारी के लिए बता दें कि सरकारी रिकॉर्ड में जो जमीन का नाप होता है, वह हेक्टेयर में होता है, जिससे किसान साथी जमीन का सही आंकलन नहीं कर पाते हैं.

इससे किसान साथियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे – जमीन में फसल हेतु कितना बीज लगेगा और कितना खर्च आएगा?

किसान साथियों की इस समस्या का समाधान करने के लिए जमीन नापने वाला ऐप लॉन्च किए हैं, जिसकी मदद से किसान साथी आसानी से अपनी जमीन या खेत को एकड़ या डिसमिल में नाप सकते हैं.

लैंड कैलकुलेटर ऐप
यह जमीन या खेत नापने के लिए और सर्वेक्षण हेतु सबसे बेहतरीन ऐप है.

यह ऐप फील्ड वर्कर्स, किसानों, इंजीनियरों, जीआईएस छात्रों के लिए बहुत उपयोगी है.

इस ऐप का उपयोग सभी प्रकार के मैप और भूमि नापने के लिए उपयोग कर सकते हैं.

जमीन को लैंड कैलकुलेटर ऐप से कैसे नापें?
किसान साथियों को बस जमीन या खेत के चारों तरफ चलना होगा, जिसके बाद आपको ऐप बता देगा कि आपकी जमीन या खेत का कुल एरिया कितना है.

लैंड कैलकुलेटर ऐप की विशेषताएं
इस ऐप की मदद से किसी भी आकार के खेत या जमीन की भूमि क्षेत्र और परिधि प्राप्त कर सकते हैं.
जमीन या खेती के क्षेत्र और परिधि को प्राप्त करने के लिए मानचित्र पर कोई भी आकृति बनाकर एक क्षेत्र बना सकेंगे.
इस ऐप द्वारा किसी भी आकार की जमीन का नाप ले सकते हैं.
यह ऐप विभिन्न मैप के साथ पॉइंट टू पॉइंट दूरी को दर्शाता है.
इस ऐप की मदद से किसानों के समय की बचत होती है.
किसान साथियों का पैसा भी खर्च नहीं होता है.