logo
हिसार घघर ड्रेन टूटने से गुड़िया खेड़ा में 400 एकड़ फसल हुई जलमग्न, जाने अब क्या है किसानों की मांग
 
घघर

हिसार घघर ड्रेन टूटने  से गुड़िया खेड़ा में 400 एकड़ फसल हुई जलमग्न, जाने अब क्या है किसानों की मांग 


चोपटा क्षेत्र में पिछले 3 दिन से हो रही बरसात के कारण दो दिन पहले जहाँ गांव दड़बाकलां के पास हिसार घग्गर ड्रेन यानी सेमनाला टूटा था। अब एक बार फिर गांव गुड़ियाखेड़ा और बकरियांवाली के पास सेमनाला ओवरफ्लो होकर टूट गया है। 

औरफ़्लो
चोपटा क्षेत्र में पिछले 3 दिन से हो रही बरसात के कारण दो दिन पहले जहाँ गांव दड़बाकलां के पास हिसार घग्गर ड्रेन यानी सेमनाला टूटा था। अब एक बार फिर गांव गुड़ियाखेड़ा और बरियांवाली के पास सेमनाला ओवरफ्लो होकर टूट गया है। 

जिसके चलते दो गांव के लोग अलर्ट हो गए। खेतों में पानी भर गया है। यहाँ बता दे कि रविवार सुबह से सेमनाला पर निगरानी रखी हुई थी।
 जहां बांध कमजोर है वहां मिट्टी डालकर मजबूत किए जा रहे थे । डीसी अजय तोमर ने भी अधिकारियों को आदेश देकर अलर्ट रहने को कहा था। प्रशासन ने जेसीबी और ट्रैक्टर लागाकर मिट्टी डलवानी शुरू कर रखी थी। 

औरफ़्लो
 
इसी बीच पानी लगातार बढ़ता गया और देर रात सेमनाला बकरियाँवाली की तरफ टूट गया। गांव के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि भरत सिंह बिरड़ा ने बताया कि दो दिन से लगातार पानी बढ़ रहा था। 
इसलिये कमजोर तटबंधों को मजबूत किया जा रहा था। गांव गुड़ियाखेड़ा के किसानों ने बताया कि पानी तेजी से आ रहा है। अगर ऐसे ही पानी बढ़ता गया तो सेमनाला अब भी कई जगह से और टूट सकता है। कमजोर तटबंध मजबूत करने के लिए गांव से 5,6 ट्रैक्टर लागाकर मिट्टी डाली जा रही है।

औरफ़्लो
वंही ग्रामीणों का कहना है कि सेमनाला रविवार रात लगभग 9 बजे के करीब ओवरफ्लो होकर टूट गया था। देखते ही देखते लगभग 100 फिट की दरार पड़ गई थी। जिसकी वजह से सुबह तक 400 एकड़ फसल जलमग्न हो गई थी। लेकिन अब सिंचाई विभाग की तरफ से जेसीबी लगाकर दरार पाटने का कार्य किया जा रहा है।


 
वहीं गुड़िया खेड़ा की महिला निर्मला पत्नी प्रह्लाद ने बताया कि हिसार घगर ड्रेन के साथ लगते ही उनकी जमीन है। उन्होंने बताया कि देर रात ड्रेन टूटने से उनके खेतों में 3 से 4 फिट तक पानी भर गया। उन्होंने बताया कि उनके पास करीब 16 एकड़ जमीन है उन सभी में कपास की खेती की हुई थी। 


लेकिन अब हिसार घगर ड्रेन टूटने से उनकी सारी फसल जलमग्न हो गई। उन्होंने बताया कि वह ओर उनकी सास दोनों ही विधवा है और बच्चे पढ़ाई कर रहे है, सास बुजर्ग हो गई तो मैने बच्चों के साथ मिलकर नरमें कई फसल को बड़ी मेहनत कर इस मुकाम तक पहुंचाया।

 लेकिन अब ड्रेन टूटने से उनकी सभी फसल नष्ट हो गई। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जिन किसानों के नुकसान हुआ उन सभी किसानों की स्पेशल गिरदावरी करवा कर उनको उचित से उचित मुहावजा दिया जाए।