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गन्ने की खेती छोड़कर की ड्रैगन फ्रूट की खेती, 8 लाख रुपये होगी एक एकड़ से कमाई
 
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गन्ने की खेती छोड़कर की ड्रैगन फ्रूट की खेती, 8 लाख रुपये होगी एक एकड़ से कमाई

Agriculture News, Dragon Fruit Farming:  आज हम आपको ऐसे प्रगतिशील किसान के बारे में बताना चाहते हैं जिसने गन्ने की खेती को छोड़कर ड्रैगन फ्रूट की खेती(Dragon Fruit Farming)  की। जानें इस किसान की सफलता की कहानी..


HR Breaking News,(डिजिटल डेस्क): सरकार किसानों की सहायता के लिए कई प्रकार की योजनाएं चला रही है। इससे किसानों को बड़े स्तर पर लाभ पहुंचता है। सरकार किसानों की आमदन बढ़ाने के लिए उन्हें परंपरागत की बजाय आधुनिक खेती की ओर प्रोत्साहित कर रही है। इसका बड़ी संख्या में किसान अनुसरण भी कर रहे है। इसका सबसे ज्यादा फायदा गन्ने की काश्त करने वाले पश्चिमी उत्तरप्रदेश के किसान ले रहे हैं। किसानों ने  गन्ने की बजाय ड्रैगन फ्रूट की खेती करना शुरू कर दिया है। इससे वे लाखों रुपये कमा रहे हैं। आज हम आपको ऐसे प्रगतिशील किसान के बारे में बताना चाहते हैं जिसने गन्ने की खेती को छोड़कर ड्रैगन फ्रूट की खेती(Dragon Fruit Farming) की।  


 


पश्चिमी उत्तर प्रदेश गन्ने की खेती(Sugar Cane Farming) के लिए जाना जाता है, इसलिए इसे शुगर बाउल भी कहा जाता है। योगी सरकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को पारंपरिक खेती के अलावा अन्य खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए औद्यानिक मिशन अभियान चला रही है। इसके तहत किसानों को अनुदान भी दिया जा रहा है। ऐसे में अपनी आय दोगुनी करने के लिए किसानों ने औद्यानिक खेती की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। सरकार के औद्यानिक मिशन के तहत किसान अपनी परंपरागत खेती छोड़कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। मिशन के तहत किसान बड़ी मात्रा में ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं।


5वें साल में होने लगेगी 8 लाख की आमदनी

मेरठ के प्रगतिशील किसान सचिन चौधरी ने पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही गन्ने की खेती को छोड़कर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की है। सचिन ने ये खेती मवाना क्षेत्र के एक गांव में शुरू की है। सचिन का कहना है कि पिछले साल अप्रैल में उन्होंने गुजरात से 1600 पौधे लाकर एक एकड़ में उसकी रोपाई की थी। इसके लिए एक एकड़ में 400 पोल खड़े किए गए और प्रति पोल पर चार पौधे कैक्टस बेल की तरह लगाए गए। इस पर फूल आना शुरू हो गए हैं और कुछ ही समय में ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन भी होगा।


 
सचिन ने बताया कि एक एकड़ में ड्रैगन फ्रूट की खेती करने के लिए लगभग पांच लाख रुपये की लागत आई है। फुटकर बाजार में ड्रैगन फ्रूट के एक पीस की कीमत 200 से 250 रुपये तक होती है। अप्रैल से अक्टूबर तक फल का उत्पादन होगा। ड्रैगन फ्रूट के पौधे की आयु 15 से 20 वर्ष होती है। सचिन का कहना है कि पांचवें साल से उन्हें लगभग सालाना आठ लाख आमदनी की उम्मीद है।

ड्रिप सिंचाई अपनाकर बचा रहे पानी


 वहीं, गिरते जलस्तर को देखते हुए जल बचाने के लिए भी सचिन ने खास उपाय निकाला है। ड्रैगन फ्रूट के खेत में सचिन चौधरी ने सिंचाई के लिए ड्रिप सिंचाई का उपयोग किया है। इससे जल संरक्षण तो होगा ही साथ ही बिजली की बचत भी होगी। उन्होंने बताया कि ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन होने पर वह फल को बेचने के लिए दिल्ली की गाजीपुर मंडी समेत बड़ी मंडियों में जाएंगे। जिससे उन्हें अच्छे दाम मिलने की पूरी उम्मीद है। 

आमदनी में होगा बड़ा इजाफा 


जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह का कहना है कि ड्रैगन फ्रूट की खेती मेरठ के किसानों के लिए अच्छा संकेत है। सरकार की ओर से प्रोत्साहन के तौर पर औद्यानिक खेती करने वाले किसानों को अनुदान भी दिया जा रहा है। ड्रैगन फ्रूट फल मंडी में काफी महंगा बिकता ह, जिससे किसानों की आय में काफी वृद्धि होगी