हरियाणा की मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का उठायें लाभ! विवाह पंजीकरण होने के बाद मिलेगी अब शगुन की राशि

Mukhyamantri Vivah Shagun Yojana: यमुनानगर। हरियाणा सरकार के निर्णय अनुसार मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का लाभ अब विवाह पंजीकरण के बाद दिया जाएगा। लाभार्थी अब विवाह पंजीकरण के बाद ही आवेदन कर सकेंगे। इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को नए पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इससे पूर्व सरल पोर्टल पर आवेदन किया जाता था। उक्त जानकारी उपायुक्त राहुल हुड्डा ने मंगलवार को अपने कार्यालय में बातचीत करते हुए दी।

उपायुक्त राहुल हुड्डा ने बताया कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना में अब विवाह पंजीकरण करवाने के बाद ही शगुन राशि मिल सकेगी। पहले आवेदक को शादी करने के बाद तीन माह के अंदर आवेदन करना होता था। लेकिन तब विवाह पंजीकरण करवाना अनिवार्य नहीं था। अब आवेदक को तीन माह की बजाय आवेदन करने के लिए छह माह का समय मिलेगा।

मगर आवेदक को विवाह पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। अब विवाह पंजीकरण के बाद ही लाभार्थी आवेदन कर सकेंगे। तभी उन्हें योजना का लाभ मिलेगा। अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा इस संदर्भ में हिदायतें जारी कर दी गई हैं।

उपायुक्त राहुल हुड्डा ने बताया कि पहले आवेदक इस योजना का लाभ लेने के लिए सरल पोर्टल के माध्यम से आवेदन करते थे। अब विभाग ने सरल पोर्टल की बजाय नए पोर्टल पर आवेदन करने की हिदायतें जारी की हैं।

गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को मिलेगा लाभ

उपायुक्त राहुल हुड्डा ने बताया कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति एवं टपरीवास जाति के परिवारों को 71 हजार रूपये व विधवाओं को उनकी लड़की की शादी के लिए तथा दुल्हा-दुल्हन दोनों दिव्यांग हो तो उन्हें 51 हजार रूपये की शगुन राशि प्रदान की जाती है। अन्य समाज के सभी वर्गो के लिए लड़की की शादी के लिए 31 हजार रूपये, सभी वर्ग से संबंधित महिला खिलाड़ी का दुल्हा-दुल्हन में से एक दिव्यांग है तो उन्हें भी 31 हजार रूपये की राशि देने का प्रावधान है।

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