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हरियाणा के किसान फसल के नुकसान होने के बावजूद क्लेम के लिए भटक रहे हैं! बीमा कंपनियों से परेशान
 
परेशान

हरियाणा के सिरसा जिले के कई गांवों के किसान फसल नुकसान होने के बावजूद क्लेम के लिए भटक रहे हैं! परेशान किसानों ने 27 जुलाई को कृषि विभाग के कार्यालय का घेराव करने का किया है एलान! आसान नहीं है फसल बीमा कंपनियों से क्लेम लेना! केंद्र सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का खूब प्रचार कर रही है! लेकिन बीमा करने वाली कंपनियों की मनमानी पर अब तक रोक नहीं लगा पाई है!

इसके तहत फसल नुकसान का क्लेम लेना आसान नहीं है! यूं ही नहीं फसल बीमा कंपनियों ने पिछले पांच साल में करीब 40 हजार करोड़ रुपये कमाया है! दरअसल, ये कंपनियों मुश्किल से किसानों को क्लेम देती हैं! इसका उदाहरण आप हरियाणा से ले सकते हैं, जहां किसान करोड़ों के बकाए क्लेम के लिए सड़क पर उतरने के लिए तैयार हैं!

किसानों का आरोप है कि सिरसा के 80 गांवों में करीब 92 करोड़ रुपये का क्लेम बकाया है! फसल नुकसान और प्रीमियम जमा करने के बावजूद उन्हें क्लेम नहीं मिल रहा है! इसे लेकर किसानों में गुस्सा है! भारतीय किसान एकता बीकेई के प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने इस मसले को लेकर 27 जुलाई को कृषि विभाग के कार्यालय का घेराव करने की बात कही है! एक बैठक में इस बात का निर्णय लिया गया है! ताकि सरकार पर दबाव बने और कंपनियां किसानों को क्लेम देने में अब और लेटलतीफी न कर पाएं!

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कितने गांवों का क्लेम है बकाया
किसान नेता औलख के मुताबिक खरीफ 2020 सीजन में सिरसा जिले के 111 गांवों का बीमा क्लेम अब तक नहीं मिला है! जिले के 26 गांव ऐसे हैं, जहां बिल्कुल क्लेम नहीं मिला जबकि 85 ऐसे गांव हैं, जहां जितना किसान का बीमा क्लेम बनता था, उससे बहुत कम दिया गया! दूसरी ओर, खरीफ 2021 सीजन का लगभग 80 गांवों के किसानों का क्लेम अभी तक बकाया है! इसका पैसा करीब 92 करोड़ रुपये है! बीमा कंपनियां प्रीमियम ले लेती हैं लेकिन अब जब फसल नुकसान होने पर क्लेम देने की बात आई है तो किसानों को परेशान कर रही हैं! उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर किया जा रहा है!

क्लेम देने में आनाकानी करती हैं कंपनियां
कृषि विभाग के कार्यालय के घेराव की रणनीति बनाने के लिए बुलाई गई किसानों की एक बैठक के बाद औलख ने कहा कि बीमा कंपनियां सरकार और किसानों से प्रीमियम लेकर मालामाल हो रही हैं लेकिन, जब किसानों को क्लेम देने की बात आती है आनाकानी कर रही हैं! बीमा कंपनियां किसानों को लूटकर फायदा कमा रही हैं! अगर जल्द ही किसानों का बीमा क्लेम नहीं दिया गया तो मजबूरन किसान संघर्ष का रास्ता अपनाएंगे!

फसल बीमा कंपनियां प्राकृतिक आपदा में खराब हुई फसलों के बदले कहीं बहुत कम पैसा दे रही हैं तो कहीं बिल्कुल नहीं! कंपनियों ने अधिकांश नियम अपने पक्ष में बनवाए हुए हैं! हालांकि, केंद्र और हरियाणा सरकार के मंत्री इस योजना की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं! अक्सर देश के अलग-अलग हिस्सों के किसान फसल बीमा कंपनियों की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाते रहते हैं!