अच्छी खबर : बिगड़े हुए बजट को संभाल सकते हैं आटे के दाम, जानें कितना हो सकता है सस्ता

साल 2023 के लिए जो भविष्यवाणी सामने आई हैं खासतौर पर आर्थिक मोर्चे पर वो बहुत अच्छी नहीं है. फिर चाहे वो IMF की हो या फिर World Bank की. वैसे महंगाई पर अमेरिका से लेकर भारत में थोड़ी राहत जरूर मिली है. आने वाले दिनों में महंगाई और घर के बजट को थोड़ी और राहत मिलती हुई दिखाई दे सकती हैं. इसका कारण हैं गेहूं की पैदावार. अनुमान के अनुसार इस साल गेहूं का रिकॉर्ड प्रोडक्शन (Wheat Record Production) हो सकता है जिसकी वजह से देश में गेहूं और आटे की कीमत में गिरावट देखने को मिल सकती है.

गेहूं का हो सकता है रिकॉर्ड प्रोडक्शन

फसल वर्ष 2022-23 में देश का गेहूं उत्पादन 11.2 करोड़ टन रहने का अनुमान है जिसमें अधिक उपज वाली किस्मों की अहम भूमिका होगी. करनाल स्थित कृषि शोध संस्थान आईआईडब्ल्यूबीआर यानी आईसीएआर-भारतीय गेहूं एवं जौ शोध संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) के निदेशक ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि गेहूं के उत्पादन में वृद्धि की संभावना के पीछे अधिक उपज वाली किस्मों की खेती का रकबा बढ़ना एक अहम वजह है. इसके अलावा अनुकूल मौसम भी इस उत्पादन में योगदान देगा. मौजूदा रबी सत्र में गेहूं उत्पादन का यह अनुमान पिछले साल के रबी कटाई सत्र की तुलना में लगभग 50 लाख टन अधिक है.

रकबे में भी इजाफा

गेहूं की फसल के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि हमारी यहां अच्छी सर्दी हो रही है. बुवाई समय पर की गई है. अभी तक सब कुछ बहुत अच्छा है. देश में गेहूं की खेती के रकबे के बारे में सिंह ने कहा कि इस सत्र में सर्दियों की फसल का रकबा करीब 3.3 करोड़ हेक्टेयर था, जिसके पिछले साल की तुलना में 15 लाख हेक्टेयर अधिक होने की उम्मीद है. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान देश में गेहूं की फसल के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में से हैं.

11.2 करोड़ टन गेहूं की फसल की उम्मीद

उन्होंने कहा कि मुझे इस सत्र में 11.2 करोड़ टन गेहूं की फसल की उम्मीद है. यह पिछले साल की तुलना में 50 लाख टन अधिक होगा. गेहूं के उत्पादन में अपेक्षित वृद्धि के तीन कारण हैं. एक तो खेती का रकबा थोड़ा बढ़ा है, दूसरा अनुकूल मौसम रहा है और तीसरा, नई किस्मों के गेहूं बीज के खेती के रकबे में वृद्धि हुई है.

सस्ता होगा गेहूं

आईआईएफएल के वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता ने बताया कि आने वाले महीनों में गेहूं की कीमत में 2,000 प्रति टन की गिरावट देखने को मिल सकती है. आंकड़ों के अनुसार मौजूदा समय में गेहूं की कीमत 27 हजार टन पर कारोबार है. इसका मतलब है कि गेहूं के दाम 25 हजार प्रति टन पर आ सकते हैं. जिसका असर आटे की कीमत में भी देखने को मिलेगा.

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