मोदी सरकार फिर बदलेगी पुराने कानून, इस बार लगेगा चाय-कॉफी अन्य का नंबर!

बहुत जल्द देश में चाय, कॉफी, मसालों और अन्य उत्पादों के प्रोडक्शन, डिस्ट्रिब्यूशन और बिजनेस (Laws related to Tea, Coffee and Spice Business) करने से जुड़े कानून बदल सकते हैं. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (Commerce Ministry) इस संबंध में नीति आयोग (NITI Aayog) के साथ मिलकर 5 कानूनों को (5 New Bill Draft) नए सिरे से बनाने पर विचार कर रहा है. मौजूदा कानून दशकों पुराने हैं और केंद्र की मोदी सरकार (Modi Govt) इन्हें बदलते वक्त की जरूरतों के मुताबिक ढालना चाहती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सरकार ने देश में बिजनेस करना आसान बनाने के लिए जहां माल एवं सेवाकर (GST) और दिवाला कानून (IBC) जैसे नए कानून लाए हैं. श्रम कानूनों (Labor Law) में व्यापक परिवर्तन किए हैं, वहीं अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे सैकड़ों कानूनों को रद्द भी कर दिया है.

ये नए कानून ला सकती है सरकार

सरकार चाय, कॉफी और मसालों के अलावा रबड़ और तंबाकू जैसी नकदी फसलों से जुड़े कानून में बदलाव कर सकती है. सरकार ने इन क्षेत्रों में कारोबारी माहौल को मजबूत बनाने और इन सेक्टर्स की वृद्धि को ध्यान में रखते हुए 5 कानूनों के मसौदा तैयार किए थे. हालांकि नीति आयोग ने इन पर कुछ आपत्ति जताई थी, जिसके चलते इन पर दोबारा से विचार हो सकता है.

इस साल की शुरुआत में वाणिज्य मंत्रालय ने जो 5 मसौदा कानून तैयार किए, उन पर नीति आयोग ने अपनी प्रतिक्रिया हाल ही में दी है. ये कानून मसाला (संवर्द्धन और विकास) विधेयक-2022, [Spices (Promotion and Development) Bill 2022], रबड़ (संवर्द्धन और विकास) विधेयक-2022 [Rubber (Promotion and Development) Bill 2022], कॉफी (संवर्द्धन और विकास) विधेयक-2022 [Coffee (Promotion and Development) Bill 2022], चाय (संवर्द्धन और विकास) विधेयक-2022 [Tea (Promotion and Development) Bill 2022] और तंबाकू बोर्ड (संशोधन) विधेयक-2022 [Tobacco Board (Amendment) Bill 2022] हैं.

खत्म होंगे ये पुराने कानून

वाणिज्य मंत्रालय ने नए विधेयकों को लेकर स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत भी की है और उनकी चिंताओं को भी समझा है. वाणिज्य विभाग इनसे जुड़े पुराने कानून जैसे कि चाय अधिनियम-1953, मसाला बोर्ड अधिनियम-1986, रबड़ अधिनियम-1947, कॉफी अधिनियम-1942 को जहां खत्म करना चाहता है. वहीं तंबाकू बोर्ड अधिनियम-1975 में व्यापक संशोधन करना चाहता है.

क्यों लाना चाहती है नए कानून ?

वाणिज्य मंत्रालय की साइट पर इन सभी मसौदा कानूनों को देखा जा सकता है. नए विधेयकों को लेकर मंत्रालय का कहना है कि बदलते वक्त के साथ इन सभी सेक्टर्स के उद्योग और आर्थिक परिदृश्य में बदलाव आया है. इसलिए इन सभी की नए सिरे से मार्केटिंग करने, सप्लाई चेन के मैनेजमेंट को देखने और निर्यात की जरूरतों को देखते हुए कानून को बदलने की जरूरत है.

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