भारत सरकार: किसान 45 किलो यूरिया की बोरी के स्थान पर 500 मिली नैनो यूरिया बोतल का प्रयोग करें

KRISHAK JAGAT | National Agriculture Hindi Newspaper

14 दिसम्बर 2022, नई दिल्ली: भारत सरकार: किसान 45 किलो यूरिया की बोरी के स्थान पर 500 मिली नैनो यूरिया बोतल का प्रयोग करें – भारत सरकार की अवर सचिव सुश्री निर्मला देवी गोयल द्वारा जारी एक नोटिस में उल्लेख किया गया है कि उर्वरक कंपनियों को 45 किलोग्राम के पारंपरिक यूरिया बैग के बजाय नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए।

नैनो यूरिया 500 एमएल की कीमत 225 रुपये और 45 किलो यूरिया बैग की कीमत 266 रुपये है। नैनो यूरिया के उपयोग से भारत सरकार पर सब्सिडी का बोझ कम करने में मदद मिलेगी।

नैनो यूरिया (तरल) में 4% नाइट्रोजन होता है जो कि एनकैप्सुलेटेड नाइट्रोजन एनालॉग्स या ऑर्गेनिक मैट्रिक्स पर एम्बेडेड फॉर्म के रूप में होता है। इसका आकार छोटा (20-50 nm) होता है। इसका मतलब यह है कि इसमें पारंपरिक यूरिया की तुलना में अधिक सतह क्षेत्र और प्रति इकाई क्षेत्र में कणों की संख्या है।

स्वतंत्र रूप से, नैनो यूरिया को एनएबीएल-मान्यता प्राप्त और जीएलपी प्रमाणित प्रयोगशालाओं द्वारा जैव-प्रभावकारिता, जैव सुरक्षा-विषाक्तता और पर्यावरण उपयुक्तता के साथ परीक्षण और प्रमाणित किया गया है।

नैनो यूरिया उपयोग का समय और तरीका

एक लीटर पानी में 2-4 मिली नैनो यूरिया (4% एन) मिलाएं और सक्रिय विकास अवस्था में फसल के पत्तों पर छिड़काव करें। सर्वोत्तम परिणामों के लिए 2 पत्तेदार छिड़काव करें: पहला छिड़काव: सक्रिय टिलरिंग/ब्रांचिंग अवस्था में (अंकुरण के 30-35 दिन बाद या रोपाई के 20-25 दिन बाद); दूसरा छिड़काव: पहले छिड़काव के 20-25 दिन बाद या फसल में फूल आने से पहले।

महत्वपूर्ण खबर: गेहूं में उर्वरकों की मात्रा एवं उनका प्रयोग 

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम 

The post <strong>भारत सरकार:</strong><strong> </strong><strong>किसान </strong><strong>45 </strong><strong>किलो यूरिया की बोरी के स्थान पर </strong><strong>500 </strong><strong>मिली नैनो यूरिया बोतल का प्रयोग करें</strong> appeared first on Krishak Jagat (कृषक जगत).

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *