चावल एक्सपोर्ट बैन हटने के फैसले से निवेशक हुए मालामाल, जानें क्या है पूरा मामला

सरकार ने मंगलवार को ऑर्गैनिक टूटे हुए गैर-बासमती चावल के निर्यात पर लगे बैन (Non-Basmati Rice Export Ban Lift) को हटा दिया है. इस फैसले बाद बुधवार को शेयर बाजार (Share Market) में उन कंपनियों के शेयरों को पंख लग गए हैं, जो विदेशों में चावल एक्सपोर्ट करती हैं. ऐसी कंपनियों के शेयरों में 2 से 4 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है. आपको बता दें कि डॉमैस्टिक सप्लाई स्थिर रहने और कीमतों में गिरावट आने की वजह से यह फैसला लिया गया है. वैसे भी ऐसे चावलों का देश में कंजंप्शन काफी कम होता है.

DGFT का नोटिफिकेशन

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने एक नोटिफिकेशन में कहा है कि ऑर्गैनिक गैर-बासमती चावल सहित ऑर्गैनिक टूटे हुए गैर-बासमती चावल का निर्यात पर वो ही नियम लागू होंगे जो सितंबर में लगाए गए प्रतिबंध से पहले थे. जानकारों की मानें तो डीजीएफटी द्वारा टूटे हुए चावल के निर्यात पर प्रतिबंध हटा दिया गया है. लेकिन, न तो चावल निर्यातक और न ही भारत सरकार अन्य चावल निर्यातकों पर इस निर्यात प्रतिबंध को लंबे समय तक जारी रखने का जोखिम उठा सकती है.

कैसे रहरे हैं निर्यात के आंकड़ें

सरकार ने घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से सितंबर की शुरुआत में टूटे चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था. भारत सालाना लगभग 10,000-15000 टन ऑर्गैनिक चावल (बासमती और गैर बासमती) का निर्यात करता है. चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-सितंबर के दौरान चावल का निर्यात 5.5 अरब डॉलर रहा. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2021-22 में यह 9.7 अरब डॉलर था.

लगाया 20 फीसदी का शुल्क

इसके बाद गैर-बासमती चावल के निर्यात पर 20 फीसदी शुल्क लगाया गया, जिसका उद्देश्य खुदरा बाजारों में कीमतों में वृद्धि के बाद घरेलू आपूर्ति को कम करना था. एक नोटिफिकेशन में, विदेश व्यापार महानिदेशालय ने कहा कि ऑर्गैनिक गैर-बासमती चावल सहित ऑर्गैनिक टूटे हुए गैर-बासमती चावल का निर्यात अब सितंबर के प्रतिबंध से पहले के नियमों के तहत होग.

सरकार के फैसले का कंपनी शेयरों पर असर

सरकार के इन चावलों पर से बैन हटाने पर चावल एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है. चमन लाल सतिया के शेयरों में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिल रही है. मौजूदा समय में चमन लाल सतिया का शेयर 2.17 फीसदी की तेजी के साथ 127.30 रुपये पर कारोबार कर रहा है.

वहीं दूसरी कोहीनूर का शेयर 2.55 फीसदी की तेजी के साथ 54.30 रुपये पर है. जीआरएम ओवरसीज के शेयर 4 फीसदी की तेजी के साथ 360.50 रुपये पर कारोबार कर रहे हैं. वहीं एलटी फूड्स के शेयरों में भी 4 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है और दाम 115.65 रुपये प्रति शेयर हो गए हैं.

क्या कहते हैं जानकार

IIFL सिक्योरिटीज वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि “कोहिनूर, जीआरएम ओवरसीज और एलटी फूड्स चार्ट पैटर्न पर अच्छे दिख रहे हैं. एक स्थिर निवेशक इन चावल के शेयरों को मध्यम से लंबी अवधि के लिए खरीदने के बारे में सोच सकता है क्योंकि रुपये की गिरावट को नियंत्रण में रखने के लिए भारत सरकार को लगातार डॉलर की आवश्यकता होती है. इसलिए, संभावना अधिक है कि यह सितंबर 2022 में लगाए गए चावल निर्यात पर लगे प्रतिबंध को जल्द ही हटाएंगे.

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