इस योजना से लाखों किसानों का बिजली बिल हुआ शून्य, आप भी उठाएं इसका लाभ

केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की आय बढ़ाने के लिए तरह- तरह की योजनाओं के माध्यम से मदद कर रही हैं. किसी राज्य में सोलर पंप के लिए सब्सिडी दी जा रही है तो कहीं पर किसानों का बिजली बिल माफ किया जा रहा है. लेकिन राजस्थान सरकार ने पिछले साल किसानों को राहत देने के लिए जो पहल शुरू की थी अब उसका असर जमीन पर दिखने लगा है. राजस्थान में लाखों किसानों का बिजली बिल नहीं आया है. दरअसल, मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना के तहत इन किसानों के बिजली के बिल को शून्य कर दिया गया है.

राजस्थान सरकार ने पिछले साल जुलाई महीने में मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना की शुरुआत की थी. अब इस योजना के तहत किसानों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराने के राजस्थान सरकार के कदम से कृषक समुदाय को लाभ मिलना शुरू हो गया है. जानकारी के मुताबिक, करीब 7 लाख 85 हजार किसानों के बिजली के बिल को शून्य कर दिया गया है. खास बात यह है कि इस योजना के तहत किसानों को बिजली के बिल पर 1000 रुपये की सब्सिडी दी जाती है. यही वजह है कि इतने किसानों के बिजली बिल शून्य आए.

बिजली का बिल 1,000 रुपये से कम आता है

राजस्थान सरकार के मुताबिक, यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें बिजली खर्च की चिंता से मुक्त करने के लिए शुरू की गई है. वहीं, अगर किसी भी महीने बिजली का बिल 1,000 रुपये से कम आता है, तो शेष राशि को उसी वित्तीय वर्ष में आने वाले महीनों में समायोजित किया जाता है, ताकि किसानों को इस रियायत का पूरा लाभ मिल सके. अब सीमांत और मध्यम किसानों का कृषि बिल लगभग शून्य हो गया है.

लगभग 1,324.47 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान की गई है

वहीं, बीते सीतंबर महीने में प्रधान सचिव (ऊर्जा) भास्कर ए सावंत ने कहा था कि योजना के शुभारंभ से लेकर इस साल अगस्त तक लगभग 1.275 मिलियन कृषि उपभोक्ताओं को लगभग 1,324.47 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान की गई है. तब दौसा जिले के किसान कैलाश चंद मीणा कहा था कि मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना से पहले मैं बिजली के लिए 10,000-12,000 रुपए सालाना देता था. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा इस योजना को शुरू करने के बाद, मेरा बिजली बिल शून्य हो गया है. बता दें कि राजस्थान में किसानों को सोलर पंपों का इस्तेमाल करने के लिए सरकार की तरफ से जोर दिया जा रहा है.

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