FSSAI ने GM खाद्य नियमों के लिए जारी किया नया मसौदा, जानें इससे क्या होगा फायदा

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने पब्लिक कमेंट के लिए आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) खाद्य नियमों का एक नया मसौदा जारी किया है, खास बात यह है कि इस मसौदे में 1% या उससे अधिक जीएम कंपोनेन्ट्स वाले पैक खाद्य उत्पादों के लिए फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग का प्रस्ताव दिया गया है. प्रस्तावित मसौदा कानून, मानव उपभोग के लिए आनुवंशिक रूप से संशोधित ऑर्गेनिज्म (जीएमओ) पर ही लागू होगा.

वहीं, रेगुलेशन 2022 में कहा गया है कि जब तक कि खाद्य प्राधिकरण की पूर्व स्वीकृति प्राप्त नहीं की जाती है तब तक खाद्य सुरक्षा और मानक (आनुवंशिक रूप से संशोधित खाद्य पदार्थ) का मसौदा तैयार करते हुए कोई भी जीएमओ से विकसित किसी भी खाद्य या खाद्य सामग्री का निर्माण, पैक, भंडारण, बिक्री, विपणन, वितरण और आयात नहीं करेगा. इसके अलावा आनुवंशिक रूप से संशोधित खाद्य पदार्थों और अवयवों के निर्माताओं और आयातकों को पूर्व अनुमोदन के लिए एफएसएसएआई को आवेदन करना होगा.

मसौदा नियम के मुताबिक, जब जीएमओ का उपयोग भोजन के रूप में या खाद्य उत्पादन के लिए कच्चे माल के रूप में किया जाता है, तो जेनेटिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति (जीईएसी) से एक मंजूरी, पर्यावरणीय जोखिम मूल्यांकन के लिए राष्ट्रीय जिम्मेदार प्राधिकरण में जमा किया जाना चाहिए.

ऑर्गेनिज्म के रूप में लेबल किया जाना चाहिए

इसके साथ ही, अगर जीएमओ को बीज के रूप में या खेती के लिए इस्तेमाल किया ता है, तो आवेदक को ‘नियम 1989 (पर्यावरण मंत्रालय द्वारा घोषित नियम) के अनुसार जीईएसी को एक साथ आवेदन करना होगा. वहीं, लेबलिंग के संदर्भ में, मसौदा कानून में कहा गया है कि 1% या अधिक जीएम सामग्री वाले खाद्य उत्पादों को ‘आनुवंशिक रूप से संशोधित ऑर्गेनिज्म के रूप में लेबल किया जाना चाहिए. यह लेबल पहले से पैक की गई वस्तुओं के सामने दिखाई देना चाहिए, और यह जीएम पदार्थों की आकस्मिक या तकनीकी रूप से अपरिहार्य उपस्थिति पर भी लागू होता है.

आनुवंशिक रूप से संशोधित सरसों का विषय विवाद मचा हुआ है

बता दें कि एफएसएसएआई ने मूल रूप से पिछले साल नवंबर में जीएम खाद्य नियमन का मसौदा प्रकाशित किया था. एफएसएस जीएम खाद्य विनियमों का नवीनतम मसौदा पिछले साल जारी मसौदे से काफी अलग है. ‘पीएलआर चैंबर्स में एक खाद्य वकील और भागीदार हर्ष गुरसाहनी ने कहा कि जीएम-व्युत्पन्न खाद्य पदार्थों के लिए पूर्व अनुमोदन एफएसएसएआई द्वारा सुव्यवस्थित किए गए हैं. हालांकि, इसने जीएमओ से प्राप्त खाद्य उत्पादों को कवर करने के लिए मसौदा कानूनों के दायरे को भी व्यापक कर दिया है, जिसमें कोई परिवर्तित डीएनए नहीं है. उन्होंने कहा कि नया मसौदा भी ऐसे समय में आया है जब आनुवंशिक रूप से संशोधित सरसों का विषय विवाद मचा हुआ है.

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