किसानों को नहीं मिल रहा है प्याज़ का उचित दाम, कैसे हो पाएगी घाटे की भरपाई?

महाराष्ट्र में प्याज की खेती करने वाले किसानों को राहत मिलती हुई नज़र नहीं आ रही है. पिछले सात महीने से लागातर प्याज़ का किसानों को कम रेट मिल रहा है. किसानों का कहना है कि कुछ दिन पहले प्याज़ की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. लेकिन इसका सभी किसानों को फायदा नहीं हो रहा है. जिन किसानों के पास स्टॉक था उन्हें ही थोड़ी राहत मिली हैं. वहीं अभी भी बहुत सारे मंडियों में किसानों को सिर्फ 100 रुपये से लेकर 400 रुपये प्रति क्विंटल तक ही रेट मिल रहा है. नासिक के किसान सोमनाथ पांडुरंग का कहना है कि राज्य में प्याज एक नगदी फसल है फिर भी किसानों को उचित दाम नहीं मिल पाता है.

महाराष्ट्र प्याज उत्पादक संगठन के संस्थापक अध्यक्ष भारत दिघोले का कहना है कि खरीफ में मील प्याज़ को मिले कम भाव के कारण अब रबी में किसान प्याज़ से ज्यादा दूसरी फसलों की रुख कर रहें है. राज्य के कम से कम 15 लाख किसान परिवार प्याज की फसल पर निर्भर हैं. और इतने किसानों को इस साल प्याज का लागत मूल्य भी नहीं मिला है.

किसानों के घाटे की कैसे हो पायेगी भरपाई

महाराष्ट्र प्याज उत्पादक संगठन के संस्थापक अध्यक्ष भारत दिघोले का कहना है कि इस साल प्याज़ उत्पादकों के घाटा ही हुआ है. वहीं अभी बाजारों लाल प्याज का दाम 100 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है. ऐसे में किसानों की लगात तक नहीं निकल पाया है. हालांकि कुछ दिन पहले प्याज के दामों में उछाल देखा गया है, लेकिन उससे सभी किसानों को लाभ नहीं हो रहा है. पहले बेमौसम बारिश में स्टॉक किया हुआ 40 फीसदी प्याज़ सड कर खराब हो गई है. और कई किसान कम कीमतों प्याज़ बेचने के लिए मजबूर हुए है. ऐसे में सात महीने से झेल रहे नुकसान की भरपाई कैसे हो पाएगी. और अब ज्यादातर किसानों के पास माल ही नहीं बेचने के लिए तो बढ़े हुए दाम का कैसे उन्हें फायदा मिलेगा. दिघोले का कहना है कि अगर अब किसानों 30 से 35 रुपये प्रति किलो रेट मिलेगा तब किसानों अब तक के घाटे की भरपाई हो पायेगी.

किस मंडी में किसनों कितना मिल रहा है रेट

  • सोलापुर की मंडी में 19 नवंबर को सिर्फ 21447 क्विंटल प्याज की आवक हुई. जिसका न्यूनतम दाम 100 रुपये प्रति क्विंटल रहा. अधिकतम दाम 2400 रुपये प्रति क्विंटल रहा. औसत दाम 1400 रुपये प्रति क्विंटल रहा.
  • पंढरपुर में 405 क्विंटल प्याज़ की आवक हुई. जहां न्यूनतम दाम 200 रुपये प्रति क्विंटल रहा. अधिकतम दाम 2500रुपये प्रति क्विंटल रहा. औसत भाव 1700 रुपये प्रति क्विंटल रहा.
  • जमखडा में 199 प्याज के क्विंटल की आवक हुई. जिसका न्यूनतम दाम 100 रुपये प्रति क्विंटल रहा. अधिकतम दाम 2000 रुपये प्रति क्विंटल जबकि औसत दाम 1050 रुपये प्रति क्विंटल मिला.
  • शीगाँव में प्याज मंडी में 1080 क्विंटल की आवक हुई. उसका न्यूनतम दाम 200 रुपये प्रति क्विंटल रहा. अधिकतम दाम 1000 रुपये प्रति क्विंटल रहा. जबकि औसत रेट 1000 रुपये प्रति क्विंटल रहा.

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