रबी सीजन की बुवाई में हो रही है देरी, किसानों की बढ़ी मुश्किलें

इस साल राज्य में बारिश से किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. साथ ही सितंबर और अक्टूबर महीने में हुई बेमौसम बरसात के कारण अब रबी सीजन की बुवाई में भी देरी हो रही है. वहीं नंदुरबार जिले में अभी तक रबी की सिर्फ 15 प्रतिशत ही बुआई ही हो पाई है. और जिले में अब तक नौ हजार हेक्टेयर रकबे में रबी की बुआई हो चुकी है. बुवाई में हो रही देरी के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई हैं.

गेहूँ, चना, मक्का, ज्वार जैसी रबी की फसलें वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद बोई जाती हैं. लेकिन इस साल वापसी की बारिश में लंबा समय तक रहा. लंबे समय तक बारिश और वापसी की बारिश के कारण कपास ,मक्का, ज्वार, सोयाबीन की कटाई में देरी हुई है. साथ ही, वापसी की बारिश के कारण मिट्टी की नमी के प्रतिधारण के कारण जुताई के काम में देरी हो रही है, जिससे इस साल राज्य में रबी सीजन की बुवाई लंबा हो गया है. जिले में अब तक 3000 हेक्टेयर बाजरा, 2000 हेक्टेयर गेहूं, 3000 हेक्टेयर मक्का और 900 हेक्टेयर चने की फसल लगाई जा चुकी है. कृषि विभाग ने जानकारी दी है कि शेष रबी क्षेत्र में बुवाई जल्द ही पूरी कर ली जाएगी.

जिले के कई हिस्सों में मजदूरों की कमी है

राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हुई है. इससे राज्य के किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. किसानों की खड़ी फसल बर्बाद हो गई है. उत्तर महाराष्ट्र में भारी बारिश और वापसी की बारिश ने भी किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है.वहीं दूसरी और खरीफ की फसलों को कटाई के समय कई जिलों मज़दूरों की कमी हो रही है. फसलों की कटाई करना किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. वर्तमान में मजदूर नहीं मिल पाने की वजह से किसान फसलों की कटाई नहीं कर पा रहे है. जिले में किसान कृषि कार्य के लिए मजदूरों की तलाश कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि जिले से बड़े पैमाने पर मजदूरों का पलायन हुआ है.

किसानों की बढ़ी मुश्किलें

जिले में खरीफ के मौसम में कपास के नीचे मिर्च उगाई जाती है. लौटी बारिश से कपास और मिर्च को भारी नुकसान हुआ है. चूंकि बारिश में मिर्च और कपास मिल जाती है, किसान कपास काटने और मिर्च काटने के क्रम में होते हैं. लेकिन मज़ूदर नहीं मिलने के कारण ज्यादातर किसानों की फसले खेतो में खराब हो रही है. वहीं सही कीमत नहीं मिलने और बढ़ी हुई मजदूरी का भुगतान नहीं कर पाने के कारण भी किसान संकट में है. इसके चलते भी रबी सजीन की बुआई में देरी हो रही है.

एग्रीकल्चर न्यूज,सरकारी कृषि योजनाएं,क्रॉप स्पेशल,एग्री पॉलिसी,खेती-किसानी की सक्सेस स्टोरीकी ताजा खबरें पढ़ें औरTV9 Hindi Agricultureपेज को फॉलो करें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *